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हैकिंग की दुनिया में चलना चाहयेंगे अगर हाँ तो Hackers के बारे में क्या आप यह जानते है ? नही तो पढ़ें

दोस्तों आज हम बात करेंगे हैकिंग के area की आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे ही अनसुने किस्से

चलिए शुरु करते हैं दोस्तों Las Vegas में हर साल hackers जमा होते हैं उनके हुनर की निगरानी करके अमेरिका के साइबर एक्सपर्ट यह समझते हैं की hackers का दिमाग कैसे काम करता है वो बड़े बड़े ऑपरेशन को कैसे अंजाम देते हैं 2018 में जब Las Vegas में hackers की conferenceचल रही थी ठीक उसी बक्त इंडियन base पुणे बैंक पर साइबर अटैक करके करीब 3 करोड़ डॉलर की रकम उड़ा ली थी दुनिया भर में सरकारी website से लेकर बड़ी और निजी कंपनियों पर अब भी साइबर अटैक होते रहतें हैं लेकिन दोस्तों ये सब geek teenagers करते हैं यह सब पूरी तरह से state फंडेड ग्रुप के द्वारा किये जाते हैं आज की date में आपको किसी भी बैंक को लुटने के लिए हथियार या नकाब नही चाहये क्यू की आप सिर्फ एक computer पर बैठ कर किसी भी देश को अरबो की चपत लगा सकतें है आपको जानकर हैरानी होगी आपके बैंक के account से लेकर आप खुद digitally ट्रैक किये जा सकते हो अब ये सब कैसे होता है यह हैकिंग organization पूरी तरह जानते हैं इसलिए दुनिया की सुपर power ने hackers की पूरी फ़ौज रखी है


चलिए शुरू करते हैं कुछ फैक्ट्स के साथ hackers related talk चलिए शुरू करते हैं story हैकिंग का स्वर्ग माने जाने वाले देश रशिया(RUSSIA) से 1990 के दशक में सोवियत संघ के विभाजित होने के बाद रूस के कई computer expert अचानक बेरोजगार हो गये ये लोग इलेक्ट्रीशियन ,प्रोग्रामर ,और गणितग्य थे जिनके पास computers तो थे लेकिन काम नही था रोजी कमाने के लिए इन्होने Internet की दुनिया खागालनी शुरु की उस समय साइबर security को लेकर लोगो में ज्यादा समझ या जानकारी नही थी इन रुसी hackers ने वितीय संस्थाओ ,और दुसरे देशो की सरकारी websites को निशाना बनाना शुरू कर दिया .और उस time के hackers खुद को हीरो समझते थे इसलिए ये अखबारों और मैगज़ीन को बताते थे रूस की खुफिया एजेंसी को (Federal security service )इनके बारे में मालूम था लेकिन ताज्जुब की बात यह थी की सरकार को इन hackers की करतूत से कोई नाराजगी नही थी बल्कि वो तो इन hackers का फायदा उठाना चाहते थे इसलिए उन्होंने इन hackers से दुसरे देशो तथा उन पर निगरानी रखवाना शुरु कर दिया लेकिन फिर रूस की GOVERNMENT को लगा की वो फ्रीलांसिंग hackers पर ज्यादा भरोसा भी नही कर सकते इससे बेहतर तो यह होगा की वो अपनी ही एक hackers ARMY तैयार करे और आज की तारीख में रूस के पास सबसे ताकतवर आर्मी है साथ ही 2007 में रुसी हैकर ने पडोसी देश Estonia पर Cyber Attacks किया इन hackers ने एस्तोनिया की हजारो websites को हैक कर लिया था 2008 में हुआ Georgia में हुआ cyber Attack भी इन्ही सरकारी hackers ने किया इन्होंने white हाउस पर भी हमला किया है साथ ही NATO और पश्चिमी देशो के network हमेशा रुसी hackers के निशाने पर रहेते हैं रुसी hackers में एक ग्रुप काफी famous है जो है Fancy Bear (A Russian Cyber Espionage Group) माना जाता है इस ग्रुप को रूस की खुफिया एजेंसी ही चलाती है इस पर यह भी आरोप है की इसने पिछले राष्टीयपति चुनाव में दखल अंदाजी भी की थी रुसी पत्रकार Andrei Soldatov (Russian Investigative Journalist & Russian Security Services Expert) कहते हैं की इन साइबर हमलो के जरिये रूस दुनिया को यह बताना चाहती है की वो साइबर साम्राज्य का बादशाह है ,90 के दशक में Hollywood फिल्म matrix से प्रभाबित होकर जिन रुसी साइबर engineer ने हैकिंग के साम्राज्य की बुनियाद रखी थी वो आज खूब फल फुल रहा है आज बहुत से हैकर रूस की सरकार के लिए काम करते हैं

मगर हैकिंग के इस खेल में रूस अकेला नही है ईरान के पास भी ईरानियन साइबर आर्मी है जो हैकिंग की दुनिया का बड़ा खिलाडी है 1990 के दशक में internet के आने के साथ ही ईरान ने अपने यहाँ के लोगो को साइबर हमले के लिए तैयार करना शुरु कर दिया था ईरान में social media सरकार के खिलाफ आवाज उठाने का एक बहुत बढ़ा मंच होता है सरकार यहाँ पर hackers का use अपने खिलाफ बोलने वाले का मुह बंद करने के लिए करती है 2009 में जब यहाँ पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो रहे थे तब ईरानी hackers ने उन सभी के account खोज करके यह पता लगाया था की इन आंदोलनों के पीछे कौन था और फिर उनकी पहचान होने के बाद उनको डराया धमकाया गया और जेल में डाल दिया गया .,ईरान के पास रूस जैसे साइबर सेना तो नही है लेकिन यह सेना twitter तक को निशाने पर लेती रहेती है जानकर मानते हैं की ईरान के hackers को वहाँ के revolution card सम्भालते हैं ईरान में दुनिया के एक से बढकर एक scientist और साइबर expert तैयार होते हैं और विदेशो का दौरा करते हैं इसलिए देश में बचे कुचे लोगो से ही ईरान को काम चलाना पढता है इस कमी को पूरा करने के लिए ईरान कई free lancer हैकर को भी hire करती है ईरान अक्सर अमरीका और इजराईल से भी साइबर हमले के निशाने पर रहेता है 2012 में ईरान के तेल उद्योग पर हुए साइबर हमले से वहाँ की hard disk से data तक उड़ा दिया गया था साइबर हमले के पीछे अमेरिका या इजराईल के हाथ होने की आशंका थी ईरान ने इसी हमले से सबक लेते हुए तीन महीने बाद अपने दुश्मन देश सऊदी अरब पर बढ़ा हमला किया था सऊदी अरब के 30000 सऊदी computers हैक हुए थे आज hackers ने अपने साम्राज्य को पुरे दुनिया में फैला दिया है आज हर देश में hackers मौजुद हैं जो कुछ सरकार के लिए काम कर रही हैं कुछ सरकार के विरोध में काम कर रही हैं .

लेकिन एक देश ऐसा भी है जहाँ साइबर हैकिंग पूरी तरह सरकारी है जिसका नाम है उत्तर कोरिया उतर कोरिया में वहाँ के hackers को चलाती है वहाँ की खुफिया एजेंसी चलाती है जिसका नाम है R.G.B (Reconnaissance General Bu ) उत्तर कोरिया में मात्र 13 से 14 साल की उम्र में ही हैकिंग की ट्रेनिंग start हो जाती है वहाँ के schools में से बच्चे select कर लिए जाते हैं और फिर वहाँ उनको भर्ती करा लिया जाता है वहाँ पर Math और इंजीनियरिंग में तेज students को इंजीनियरिंग की ट्रेनिंग दी जाती है फिर वो या तो hackers बनते हैं या फिर software साथ ही इंजीनियरिंग में पढाई कराई जाती है उतर कोरिया अपने यहाँ के बच्चो को बाहर के देशो में खासकर एशियाई देशो में से china में आईटी में पढाई करने भेजता है ताकि वो साइबर वर्ल्ड को अची तरह समझ सके ताकि देश में आकर देश के लिए काम कर सके तथा कुछ बाहर के देशो में रहकर भी देश के लिए काम करते हैं उतर कोरिया के hackers को 80000 $ से 1000,000 $ तक सैलरी सरकार से मिलती है जानकर मानते हैं करीब 2 से 3 हजार हैकर free lancing काम करते हैं जो बैंक के खाते,credit card पर attack करते हैं जिससे आसानी से काफी कुछ earn किया जा सकता है उतर कोरिया के hackers ने लैटिन अमेरिकाहा देश से लेकर काफी देशो में हैकिंग कर रकम उड़ाई है .

अब जब इन Hackers की बात हो रही हो और चीनी hackers की बात न हो बेकार है क्यूंकि china में hackers की संख्या सबसे ज्यादा है रिपोर्ट्स बताती हैं की 41% World's Cyber Attack china ही करता है इंडिया की पुणे base cosmos बैंक में 13.5 $ का अटैक भी china का ही हाथ था china hackers India government की काफी संस्थाए को हैकिंग के जरिये निशाना बनाती रही है यही नही Hawaii यूनिवर्सिटी , Washington यूनिवर्सिटी ,MIT जैसी कम से कम 27 UNIVERSITY को निशाना बनाती रही है रिपोर्ट्स की माने तो यह सब चीनी सरकार द्वारा sponsor है hackers सरकारी system में घुसने के लिए खास DESIGN के tool तथा MALWARE का इस्तेमाल करते हैं ये लोग सबसे पहले system के बहार हिस्से को हैक करते थे और उसके बाद MALWARE tool की मदद से INTERNAL network को पूरा access कर पाते थे ये हैकर रिमोट हैंडल के जरिये पुरे system से जानकारी चुरा कर बाद में system को पूरी तरह DAMAGE कर देते थे दोस्तों साइबर UNDERWORLD आज खूब फल फुल रहा है आज साइबर हैकिंग का Business इतना फ़ैल गया है की यह अरबो खरबों डॉलर का हो गया है लेकिन ,

अब बात करते हैं ऐसे ही एक और अंडरवर्ल्ड revolutionary के बारे में जिसने दुनिया के कई बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है इस ग्रुप का नाम है ANONYMOUS (Is A Decentralized International Hacktivist Group) यह पूरी दुनिया में फैले हुए हैं इस ग्रुप ने कई बार हैकिंग के जरिये सरकारों को सबक सिखाया है 6th president ईरान के नेता महमूद अहमदीनेजाद जब फिर से चुनाव लड़ रहे थे तो वहाँ की विपक्ष सरकार की media चैनल और internet सेवा बंद कर दी थी लेकिन यह सब freedom of speech के खिलाफ था तब Anonymous ने internet और media को अपने दम पर बहाल किया था पेरिस आतंकवाद हमलो के बाद इस group ने online war की घोषणा कर दी थी फिर इन्होने pro ISIS लोगो के 2 हजार से ज्यादा लोगो के खाते बंद करा दिया था और 2013 में उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण के विरोध में इन्होने इस देश में सुचारू संचार को रोकने के लिए देश के तीनो काम काजी बंद करके उत्तर कोरिया पर दबाब बनाया की वो परिक्षण को रोक दे .

चलिए अब आप चाहते हैं की हम इसी तरह आपको hacking से related knowledge share करते रहे तो प्लीज आप हमको comment करके बताये साथ ही हमसे जुड़ने के लिए हमको mail करें और subscribe भी करे .जिसके जरिये आपको ऐसी ही technical knowledge blogs का mail alert आ जायेगा .

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